सतना जिले में कक्षा परिवर्तन के बीच 17 हजार से ज्यादा विद्यार्थी ड्रॉपआउट, सबसे खराब स्थिति सोहावल ब्लॉक की। बड़ी कक्षाओं में हालात चिंताजनक, शिक्षा विभाग सुधार के दावे कर रहा है।
आरटीई एडमिशन 2026-27 में आवेदन तेज लेकिन दस्तावेज सत्यापन धीमा, हजारों आवेदन अधर में। बिना वेरिफिकेशन फार्म निरस्त होंगे, शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को समय पर सत्यापन कराने की सख्त चेतावनी दी है।
सतना के शासकीय विद्यालय में परीक्षा फॉर्म भरने की गलती से कक्षा 10 के छात्र का भविष्य संकट में पड़ गया। परिजनों ने प्रशासन से विशेष अनुमति देकर परीक्षा में शामिल कराने की मांग की।
सतना और मैहर जिलों में शिक्षा विभाग की ई-हाजिरी व्यवस्था सात माह बाद भी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। शिक्षक और प्राचार्य की उपस्थिति 80 फीसदी के आसपास ही सिमटी है, जबकि अतिथि शिक्षकों की हाजिरी बेहतर बनी हुई है।
सतना जिले में प्री बोर्ड और छमाही परीक्षाओं के नतीजों ने शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर उजागर कर दी है। 48 स्कूलों का परिणाम 40 फीसदी से कम रहने पर प्रशासन सतर्क हो गया है।
सतना और मैहर जिले में हमारे शिक्षक एप की ई-हाजिरी व्यवस्था तकनीकी खामियों से ठप रही। एरर 402, 502 और टाइम आउट की समस्या के कारण शिक्षक, अतिथि शिक्षक और प्राचार्य हाजिरी नहीं लगा सके। नेटवर्क तलाशते शिक्षक छतों और बाउंड्री तक चढ़े, लेकिन हजारों लोग उपस्थित होकर भी अनुपस्थित दर्ज हो गए।
सतना में डाइट प्राचार्य द्वारा कलेक्टर और सीईओ को बायपास कर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई फाइल से एक भृत्य का निलंबन हो गया। सीनियर-जूनियर पदक्रम की अनदेखी, नियमों की व्याख्या और शिक्षक निलंबन ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सतना जिले में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गंभीर शिक्षक संकट से गुजर रही है। जिला शिक्षा केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार 317 सरकारी स्कूल या तो पूरी तरह शिक्षक विहीन हैं या केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। 40 विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 277 स्कूल केवल एक शिक्षक पर निर्भर हैं। मझगवां, नागौद और उचेहरा जैसे विकासखंड सबसे अधिक प्रभावित हैं। Collector–DPC स्तर पर स्थिति सुधारने के लिए मर्जर और पदस्थापना पर चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल हजारों बच्चों की शिक्षा अधर में लटकी हुई है।
सतना में प्राथमिक शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन के दौरान आर्मी डिप्लोमा पर एक शिक्षक का सत्यापन होल्ड। माशिमं ने बोर्ड परीक्षा में कठिन सवालों का प्रतिशत बढ़ाया।
सतना-मैहर जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल परियोजना 4 साल बाद भी अधूरी है। नए भवनों का वादा पूरा नहीं हो सका, बस सुविधा सीमित है और छात्र अब भी पुराने जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की सुस्ती से पालक और छात्र निराश हैं।






















